Suchnaji

EPFO BIG NEWS: ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ क्या है, क्यों हो रही इसकी खूब चर्चा

EPFO BIG NEWS: ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ क्या है, क्यों हो रही इसकी खूब चर्चा

– EPFO के एक्सपर्ट ने बारीकी से इसके बारे में समझाया।
– डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act या फिर DPDPA-2023 के नाम से भी इसे जाना जाता है।

सूचनाजी न्यूज, छत्तीसगढ़। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation) से जुड़ी बड़ी खबर है। ईपीएफओ (EPFO) से जुड़े सदस्य, पेंशनर्स और नियोक्ताओं की समस्याओं का समाधान इस खबर में होने जा रहा है। ईपीएफओ से अधिकारियों से पूछे गए सवालों का जवाब आप यहां पढ़ने जा रहे हैं।
अलग-अलग परेशानियों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। किसी ने सुझाव भी दिया। इसी दौरान ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ पर भी चर्चा हुई। क्या आप जानते है कि ये ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ क्या है? यह आपको किस हद तक प्रभावित करेगा? इससे आपको कितना फायदा या नुकसान होगा? आपको नहीं पता, तो आज @Suchnaji.com News पर इसके बारे में हम विस्तार से बताएंगे।
EPFO के ऑनलाइन सेशन में प्रश्नों का जवाब देते हुए PF के रीजनल कमिश्नर-1 (WPS) रामन धनशेखर ने समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ के बारे में डिटेल में बताया। इसकी उपयोगिता, आवश्यकता और महत्ता को भी उन्होंने रेखांकित किया। साथ ही आज के तकनीक के युग में इसकी प्रासंगिकता को भी उनके द्वारा बड़ी सरलता से समझाया गया है।

AD DESCRIPTION

– DPDPA-2023 के नाम से भी इसे जाना जाता है…
दरअसल केन्द्र सरकार ने बीते दिनों ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ को लागू किया है। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act या फिर DPDPA-2023 के नाम से भी इसे जाना जाता है। इसे साल 2023 में देश की संसद से पास कर लागू कर दिया गया है।
इसमें डिजिटल व्यक्तिगत डेटा को इस तरह से मुहैया करता है कि जो व्यक्तियों के अपने व्यक्तिगत डेटा को सिक्योरिटी के अधिकार को मान्यता प्रदान करता है।

शिकायत निवारण का अधिकार भी…
इसके अधिकार और प्रावधानों की बात करें तो इसमें व्यक्तिगत डेटा तक पहुंचने का अधिकार है। डेटा में संशोधन और हटाने का भी अधिकार इसमें निहित है। अनुमति को रद्द करने का हक भी इसमें कुछ प्रावधान किया गया है। इसमें शिकायत निवारण का अधिकार है। साथ ही डेटा को संग्रहित करने का नियम, कायदा और शर्त भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी 22 भाषाओं में मौजूद कराई गई है।