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SAIL जूनियर इंजीनियर पदनाम: आसमान से गिरे, खजूर पर अटके, NEPP की चपत, D कलस्टर में रहेंगे सिर्फ 18% कर्मी

SAIL जूनियर इंजीनियर पदनाम: आसमान से गिरे, खजूर पर अटके, NEPP की चपत, D कलस्टर में रहेंगे सिर्फ 18% कर्मी

– बहुत से कर्मी तो क्लस्टर C में रहते हुए ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
– विभाग या LOP के या कुल मैनपॉवर के 18% कर्मी ही क्लस्टर D में रखे जा सकते हैं। जैसे-जैसे कर्मी सेवानिवृत्त होते जाएंगे। वैसे ही क्लस्टर D में भी संख्या कम होती जाएगी।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों का पदनाम सुर्खियों में है। प्रबंधन वाहवाही बटोर रही है। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भी शुक्रिया अदा कर चुका है। वहीं, सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को कोसने और नाकामियों को उजागर करने का माहौल बना हुआ है। डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन की भी बखिया उधेड़ी जा रही है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। फिलहाल, जूनियर इंजीनियर पदनाम को लेकर कहा जा रहा है कि आंदोलन करने वाले कर्मचारी आसमान से गिरे, खजूर पर अटक गए हैं।

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भिलाई स्टील प्लांट के एक कर्मचारी नेता ने बताया 25 जून 2021 को उस समय की मान्यता प्राप्त यूनियन द्वारा कर्मचारियों के लिए नई प्रमोशन पालिसी( NEPP) अनुबंध किया गया। इसके बाद स्वीकृत पोस्ट, खाली पद और वर्तमान में पोजिशन की स्थिति को समाप्त करते हुए सिर्फ वर्तमान LOP/Section में कितनी संख्या कर्मियों की है, इस पर निर्भर कर दिया गया।

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अर्थात वर्तमान में विभाग या LOP के या कुल मैनपॉवर के 18% कर्मी ही क्लस्टर D में रखे जा सकते हैं। जैसे-जैसे कर्मी सेवानिवृत्त होते जाएंगे। वैसे ही क्लस्टर D में भी संख्या कम होती जाएगी। बहुत से कर्मी तो क्लस्टर C में रहते हुए ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

ऐसे में जूनियर इंजीनियर पदनाम के लिए लालायित कर्मियों के लिए दूर की कौड़ी ही साबित होने वाली है, क्योंकि जैसे-जैसे संख्या कम होती जाएगी। वैसे-वैसे क्लस्टर D में संख्या घटते हुए नगण्य ही रह जाएंगी और कर्मी क्लस्टर C से ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

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इन सवालों का जवाब कौन देगा…

-सवाल यह है D क्लस्टर में जाने के लिए खास करके मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल में जो पहले चार्जमैन थे, उसे NEPP के हिसाब से C क्लस्टर में रखा गया है।
-और उसे D क्लस्टर में जाना है तो चीफ मास्टर टेक्नीशियन पदनाम लेना होगा।
-अगर वो चीफ़ मास्टर टेक्नीशियन नहीं लेता है तो वह चार्जमैन रहेगा। और C क्लस्टर में ही रहेगा। वह चीफ मास्टर टेक्नीशियन बनेगा तो D क्लस्टर में जाएगा।
-और वही, जूनियर इंजीनियर बनेगा। लेकिन अब तकनीकी सवाल यह है क्या चार्जमैन को जूनियर इंजीनियर काम बताएगा या जूनियर इंजीनियर को चार्जमैन काम बताएगा।
-एक सवाल है, कुल मैनपॉवर का मात्र 18% ही D क्लस्टर में रहेगा और जैसे-जैसे मैनपॉवर काम होते जाएंगे,प्रतिशत के हिसाब से जूनियर इंजीनियर भी कम बनेंगे तो क्या यह तकनीकी खामी नहीं है।

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C क्लस्टर में रहते हुए सेवानिवृत हो जाएंगे…

D कलस्टर वह भी S9 से S11 वाले कर्मचारी यह सोच रहे हैं कि हम S9 में पहुंचते ही हमें जूनियर इंजीनियर पदनाम मिल जाएगा। लेकिन NEPP के आधार पर जूनियर इंजीनियर पदनाम तो आ गया, लेकिन वह मिलेगा कितने लोगों को, क्योंकि कई कर्मचारी अभी S10 में हैं।

लेकिन वह C क्लस्टर में ही है और शायद आगामी कुछ वर्षों बाद भी C क्लस्टर में रहते हुए सेवानिवृत भी हो जाएंगे। इसमें कई तकनीकी पैमाने जुड़े हुए हैं। इसका जवाब बेहतर तरीके से NEPP साइन करने वाली यूनियन ही दे सकती है।