Suchnaji

SAIL बोनस, ग्रेच्युटी और एरियर पर ISP से सबसे बड़ी खबर, महाबैठक में ये फैसला

SAIL बोनस, ग्रेच्युटी और एरियर पर ISP से सबसे बड़ी खबर, महाबैठक में ये फैसला

सीटू के राष्ट्रीय नेता तपन सेन और ललित मोहन मिश्र ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल कर्मचारियों के बोनस, बकाया एरियर, ग्रेच्युटी आदि विषयों को लेकर इस्को बर्नपुर स्टील के कर्मचारियों के बीच महामंथन किया गया। एबीके मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (सीटू) और यूनाइटेड कॉन्ट्रैक्टर्स वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने बर्नपुर भारती भवन में एक बैठक की।

AD DESCRIPTION R.O. No. 12697/ 111

ये खबर भी पढ़ें :  Assembly Election Result 2023: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार गई, मंत्री अमरजीत भगत मुड़वाएंगे मूंछ…!

AD DESCRIPTION R.O. No.12697/ 111

मुख्य वक्ता सीटू के अखिल भारतीय महासचिव तपन सेन थे। सीटू के पश्चिम बर्धवान जिला महासचिव बंशगोपाल चौधरी और एसडब्ल्यूएफआई के महासचिव ललित मोहन मिश्रा भी सभा को संबोधित किए हैं।

ये खबर भी पढ़ें :  धाकड़ रवि आर्या को युवा प्रेम प्रकाश पांडेय ने हराया था चुनाव, अब लगातार 2 चुनाव युवा देवेंद्र से हारे

सभा कि अध्यक्षता ए.बी.के.मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन कि अध्यक्ष सुभाशीष बोस ने की। सीटू राज्य नेतृत्व पार्थ मुखर्जी, एनजेसीएस सदस्य और राज्य नेतृत्व बिस्वरूप बनर्जी, ए.बी.के.मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (सीआईटीयू) के महासचिव सौरेन चटर्जी, यूनाइटेड कॉन्ट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन (सीटू) के महासचिव अशोक केओरा, अध्यक्ष प्रशांत घोष, एचएसईयू (डीएसपी) के महासचिव सीमांत चटर्जी, एचएसईयू (एएसपी) के महासचिव नबेंदु सरकार, कृषक सभा और कोयला मजदूर नेता प्रियब्रत सरकार और सुजीत भट्टाचार्य इसके अलावा, दीपायन रॉय, शिल्पी चक्रवर्ती, पूर्व श्रमिक नेता बिमल दत्ता, तरूण कांति भट्टाचार्य, दिलीप बनर्जी उपस्थित थे।

ये खबर भी पढ़ें :  BSP कर्मचारियों ने 50 ग्राम सोना, एरियर, बोनस पर BMS से लिया बदला, जीती बाजी टाउनशिप में हार गए पांडेयजी, बाल-बाल बचे देवेंद्र

कर्मचारियों की नाराजगी की वजह

सेल के ठेका श्रमिकों का लंबे समय से शोषण, 2017 से स्थायी श्रमिकों का एनजेसीएस बकाया, इस वर्ष बोनस का कम भुगतान और सेल अधिकारियों का एकतरफा अड़ियल व्यवहार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का क्रूर शोषण और केंद्र-राज्य सरकार की परम मजदूर-किसान विरोधी नीति मेहनतकश लोग। आने वाले दिनों में इस जनविरोधी सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ संघर्ष और राजनीतिक संघर्ष का रास्ता क्या होगा, इस पर चर्चा की गई।

ये खबर भी पढ़ें :  CG Election Breaking: CM भूपेश बघेल ने दिया इस्तीफा, राजभवन ने किया ट्वीट, देखें फोटो

सेल प्रबंधन को चेतावनी

श्रमिक नेताओं ने कहा-अगर आने वाले दिनों में सेल ने अपनी मजदूर विरोधी नीति नहीं बदली तो सीटू सबसे बड़े आंदोलन एकल एवं संयुक्त आंदोलन को बाध्य होगी। कार्यकर्ताओं से और अधिक एकजुट होने का आह्वान किया गया। आने वाले दिनों में हड़ताल के अलावा कोई रास्ता नहीं है, इसलिए सभी कर्मचारियों को और अधिक एकजुट होना होगा।

ये खबर भी पढ़ें :  Election Big Breaking: CM ने दे दिया इस्तीफा, बहुमत से कोसो दूर है पार्टी

बर्नपुर से निकली ये मांग

• एनजेसीएस के सभी बकाया और पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बोनस का तुरंत भुगतान।
• SAIL-ISP का तत्काल विस्तार किया जाए।
• संविदा कर्मियों को न्यूनतम वेतन 26 हजार तत्काल प्रदान किया जाए।
• संविदा कर्मियों को नौकरी की सुरक्षा।
• पश्चिम बंगाल में नया उद्योग लगाया जाए।
• सभी के लिए नौकरी।
• राज्य और केंद्र सरकार में सभी रिक्त पदों को तुरंत स्थायी कर्मचारियों से भर्ती।

ये खबर भी पढ़ें :  Election Big Breaking: CM भूपेश बघेल, देवेंद्र यादव, गजेंद्र, ललित, रिकेश और डोमनलाल चुनाव जीते, भिलाई में रि-काउंटिंग

श्रमिक नेताओं ने ये कहा…

सीटू पश्चिम बर्धमान जिला महासचिव बंस गोपाल चौधरी ने केंद्र ओर राज्य सरकार कि कड़ी आलोचना करते हुए कहा सेल प्रबंधन सरकार के इशारे पर खेल रहा है। आम वर्कर को मिलकर प्रबंधन पर दबाव बनाना होगा।

ये खबर भी पढ़ें : Election Big Breaking: छत्तीसगढ़ के पहले डिप्टी CM टीएस.सिंहदेव 157 वोंटों से चुनाव हारे, रि-काउंटिंग की मांग

कोयला इंडस्ट्री की घटना सबके सामने है। मैनेजमेंट सरकारी नीति से पुष्टि लेता है, वहीं से बल मिलता है। प्रबंधन का जो हथकंडा है, वह जनता को भी नुकसान पहुंचा रही है। इसको रोकना यूनियन का काम है। इसके लिए कर्मचारियों को जागरूक कर रहे हैं। अगर, हम दबाव बना पाएंगे तो मैनेजमेंट भाव देगा।

ये खबर भी पढ़ें : CG Election Result Breaking: 2018 में रिकॉर्ड 59 हजार वोटों से जीतने वाले मो.अकबर 39 हजार वोट से पिछड़े, हार के करीब

स्टील इंडस्ट्री के निजीकरण को लेकर जब जब जरूरत पड़ी, सीटू सड़क पर उतरा। सेलम, एलॉय स्टील को बचाने के लिए जमीन पर लड़े, किसी को अंदर घुसने नहीं दिए।

सीटू के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद तपन सेन बोले…

तपन सेन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के कर्मचारियों की नजर 39 महीने क बकाया एरियर पर टिकी हुई है। इसका कोई फैसला नहीं हो पाया। कर्मचारियों कि बोनस रकम भी घटा दिया है। मकान किराया भत्ता (HRA), रात्रि पाली भत्ता सहित बहुत सारे मामला पर अभी तक कई सुनवाई नहीं हुआ।

ये खबर भी पढ़ें : Steel और Elections: पूर्व इस्पात मंत्री तोमर, पूर्व इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय जीते, फग्गन सिंह कुलस्ते, विजय बघेल के खाते में हार

वेतन समझते कि एमओयू (MoU) पर सीटू ने साइन नहीं किया है और न ही वोनस समझते में। कुछ यूनियनों ने एकजुटता को तोड़कर होकर साइन कर दिया। यूनियनों में एकता न होने की वजह से एमओयू साइन हुआ है। यही हानिकारक है। जिन लोगों ने एमओयू पर साइन है, उन्होंने वर्करों के पैर पर कुल्हाड़ी मार दी है।

ये खबर भी पढ़ें :  Bhilai News: शौचालय को अपग्रेड कर और बेहतर बनाएगा भिलाई नगर निगम, क्लीन टायलेट कैम्पेन शुरू

ललित मोहन मिश्र भी दहाड़े

सभा में उपस्थित स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SWFI) के महासचिव ललित मोहन मिश्र ने कहा, यह वक्त झगड़ा, तकरार, तू-तू-मैं-मैं और टांग खींचने का नहीं है।

ये खबर भी पढ़ें :  Good News: Raipur T-20 में बन गया बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड, टीम India की दुनिया में हो रही तारीफ, पाकिस्तान को पछाड़ा

सबको एकजुट होकर कर्मचारी हित में सड़क पर आना होगा। ताकत दिखानी होगी, तभी प्रबंधन भाव देगा। सीटू सबको एक साथ लाना चाहता है। लगातार पत्र लिख रहे और बाचतीत भी कर रहे हैं ताकि सब लोग एक मंच पर आ जाएं।

ये खबर भी पढ़ें :  Bhilai Township: 9 दिसंबर तक इन सेक्टर एरिया में सुबह 10 से दोपहर 1:30 बजे तक बिजली रहेगी गुल