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EPS 95 हायर पेंशन गुड न्यूज: मद्रास हाईकोर्ट के आदेश से 2014 से पहले रिटायर्ड की बढ़ी उम्मीद, EPFO फंसा

EPS 95 हायर पेंशन गुड न्यूज: मद्रास हाईकोर्ट के आदेश से 2014 से पहले रिटायर्ड की बढ़ी उम्मीद, EPFO फंसा
  • 2014 से पहले रिटायर होने वालों की सुप्रीम कोर्ट ने भी समीक्षा याचिका (Review Petition) को खारिज कर दिया है।

अज़मत अली, भिलाई। EPS 95 हायर पेंशन गुड न्यूज (EPS 95 Higher Pension Good News): साल 2014 के बाद रिटायर कर्मचारी और अधिकारी को उच्च पेंशन का लाभ मिलने जा रहा है। संभावना है कि जनवरी से उनके खाते में उच्च पेंशन की राशि आनी शुरू हो जाएगी। लेकिन, 2014 से पहले रिटायर कार्मिकों को पेंशन नहीं मिलेगी। अब इनके लिए भी कानूनी लड़ाई ने नई रोशनी दिखा दी है।

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2014 के पहले रिटायर कार्मिकों को ईपीएस 95 के दायरे में नहीं माना गया। सरकार, ईपीएफओ ने कहा कि इसके दायरे में ये नहीं आते हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी समीक्षा याचिका (Review Petition) को खारिज कर दिया है। दरवाजे बंद हो गए। याचिका खारिज होते ही 2014 से पहले रिटायर होन वाले लाचार हो गए थे।

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इसी बीच एक अच्छी खबर मद्रास हाईकोर्ट से आ गई। आशा की किरण आई। नए सिरे से पूरी कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि 2014 से पहले रिटायर कार्मिकों को उनका हक अब मिल सकेगा।

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EPS 95 Pension Latest News में ये है खास

-फेडरेशन ऑफ रिटायर सेल इम्पलाइज के जनरल सेक्रेटरी राम आगर सिंह ने Suchnaji.com को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी।

-मद्रास हाईकोर्ट से मिली राहत और सुप्रीम कोर्ट तक होने वाली लड़ाई पर अपना पक्ष रखा है।

-राम आगर सिंह ने कहा फेडरेशन और एनसीओए शुरू से यह मांग करता रहा कि 2014 से पहले रिटायर हुए लोगों को लाभ दिया जाए।

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-सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के जजमेंट की गलत व्याख्या की गई। सरकार और ईपीएफओ ने गलत व्याख्या की। हम लोग शुरू से यह बात बोलते रहे।

-इसी समझ को मद्रास हाईकोट के एक आदेश ने माना। 2014 के पहले वालों को पेंशन देने की बात कही।

-आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहीं भी 2014 के पहले वालों को पेंशन से रोका नहीं है। इसी बात से अब सबको ईपीएस 95 को लेकर नई किरण दिख गई है।

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मद्रास हाईकोर्ट का असर कहां तक होगा

-आशा की किरन जगी है, क्योंकि ईपीएफओ के पास दो विकल्प है। मद्रास हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करे। ईपीएफओ जैसे ही सुप्रीम कोर्ट जाएगा, वैसे ही यह पूरा केस फिर से खुल जाएगा। निराशा को तोड़ने के लिए गेट खुल गया है।

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-अगर, ईपीएफओ (EPFO) 90 दिन के अंदर अपील नहीं करता है तो यह आदेश सबके लिए मान्य हो जाएगा। मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले ने 2014 से पहले रिटायर होने वालों के चेहरे पर नई मुस्कान ला दिया है।

ईपीएफओ (EPFO) के वकील ने बार-बार कहा कि सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता हार चुके हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा-सुप्रीम के जजमेंट में कहीं भी पेंशन न देने का मेंशन नहीं है।

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-दूसरा विकल्प यह है कि देश के सभी हाईकोर्ट में अपील करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। याचिकाकर्ता यह कहेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या हुई है, हमको भी दायरे में लाया जाए।

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