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BSOA के तमाम दावों की पोल खोल दिया रवि भूषण पैनल ने, पढ़िए डिटेल

BSOA के तमाम दावों की पोल खोल दिया रवि भूषण पैनल ने, पढ़िए डिटेल

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के आफिसर्स एसोसिएशन का चुनाव रविवार सुबह से है। अधिकारी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। लेकिन, चुनावी मैदान में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अध्यक्ष पद के दावेदार एके सिंह के खिलाफ रवि भूषण सिंह ने पोल खोलनी शुरू कर दिया है। एक-एक सवालों का जवाब दिया है। मौजूदा अध्यक्ष के दावों के जवाब सिलसिलेवार दिया है।

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मौजूदा कमेटी के दावों पर पढ़िए रवि भूषण पैनल का जवाब

1. BSOA के सदस्यों और उनके परिवार की स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बेहतरीन ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस की व्यवस्था वर्ष 2022 से 24 मे सस्ते दरों पर की गयी, जिसमे 2 वर्षों मे कुल प्रीमियम का भुगतान तकरीबन 2 करोड़ किया गया। जबकि 2 करोड़ 60 लाख की रकम बीमा कंपनी ने सदस्यों एवं उनके परिवार के इलाज के लिए भुगतान कर चुका है। शेष चार महीने पॉलिसी अभी भी बाकी है।

उत्तर: “2022-23 के लिए मौजूदा कमेटी ने जानबूझ कर पालिसी को मार्च 2022 से पहले फाइनल नहीं किया, जिससे कि टैक्स बेनिफिट भी लोगों को नहीं मिला। पालिसी को ब्रेक करना एक अच्छा कदम नहीं था। एक अच्छी बात ये थी कि प्रीमीयम लगभग 2021-22 के बराबर ही था जबकि क्लेम 100% से ज्यादा था।

2023-24 में फिर से पालिसी को ब्रेक किया गया। प्रीमियम में जबरदस्त उछाल आया। एग्जीक्यूटिव कमेटी के मेंबर्स तक को इस बात की जानकारी नहीं दी गयी कि कितने पार्टी ने पार्टिसिपेट किया है। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बिल्कुल भी नहीं दिखाई गई।”

2: व्यापक पैमाने पर शहर के विभिन्न सेक्टरों का निरीक्षण कर खराब पड़े स्ट्रीट लाइट का ब्योरा तैयार कर नगर सेवा विद्युत अनुभाग को सौंपा गया। उनके सहयोग से आज पूरा शहर प्रकाशमय हो चुका है। इसी तर्ज पर प्लांट के अंदर नेटवर्क के प्रोब्लेम का भी समाधान नया टावर लगा कर सिंटर प्लांट, ब्लास्ट फर्नस इत्यादि क्षेत्रों के नेटवर्क की समस्या का समाधान किया गया।

उत्तर: ये वास्तव में बीएसएल से जुड़ा हुआ मुद्दा है न कि सिर्फ अधिकारियों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसीलिए इसमें BSOA का कोई रोल नहीं है।

3: कोरोना के समाप्ती के बाद, सदस्यों और उनके परिवार को सही समय पर वैक्सीन उपलब्ध कराया गया।
उत्तर: ये वास्तव में बीएसएल से जुड़ा हुआ मुद्दा है न कि सिर्फ अधिकारियों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसीलिए इसमें BSOA का कोई रोल नहीं है।

4: शहर के जाने माने स्कूल डीपीएस में बीएसएल के बच्चों के लिए 75 प्रतिशत नामांकन आर टीई कोटा हटाने के बाद आरक्षित किया गया। शहर के अन्य विद्यालयों में भी सदस्यों के बच्चों का नामांकन ज़रूरत के मुताबित BSOA के सहयोग से कराया गया।

उत्तर: जो भी अग्रीमेंट हुआ वो बीएसएल और डीपीएस सोसाइटी के बीच हुआ ।इसमें BSOA का कोई रोल नहीं था। हालात ये है कि इस बार डीपीएस में पिछले वर्षों की तुलना में अधिकारियों के बच्चों का काफी कम एडमिशन हुआ है। काफी अधिकारी अभी भी इधर उधर भटक रहे है एडमिशन के लिए पर एडमिशन हो नही रह है।

5: बीएसओए के 500 से ज़्यादा सदस्यों एवं उनके परिवार के मान सम्मान, सुरक्षा एवं कठिन समय मे ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपना भरपूर सहयोग देकर उनकी समस्या को कम करने का अथक प्रयास किया है।

उत्तर: ऐसा कार्य BSOA की पिछली सभी कमिटियों में होता आया था। ये पहली दफा है जब इसके लिए क्रेडिट भी लिया जा रहा है।

6: सेक्टर 4 एफ़ की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार है कि चारों तरफ से अवांछनीय तत्व इस क्षेत्र में प्रवेश कर वहा के निवासियों को विभिन्न तरीकों से नुकसान एवं परेशान कर सकते हैं। इसको मद्दे नज़र रखते हुए, सेक्टर 4 एफ़ के चारों तरफ दीवार, ट्रेंच, ड्रॉप गेट, इत्यादि के माध्यम से ऐसे अवांछनीय तत्वों पर लगाम लगाने के लिए कार्यवाही चल रही है।

उत्तर: इस पूरे सत्र में यही लगा कि BSOA सम्पूर्ण अधिकारियों का नही बल्कि सिर्फ सेक्टर 4एफ के प्रेजिडेंट है। उन्हें हर वक़्त सिर्फ सेक्टर 4एफ की ही सुरक्षा व्यस्था नजर आती थी जबकि दूसरे सेक्टर में भी आये दिन चोरी और छिनतई की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। फिर भी बीएसएल प्रबंधन और BSOA को इसके लिए धन्यवाद।

7: सेल के पचासवे जन्मदिन के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बसोआ की टीम ने प्रबंधन काफी सहयोग दिया।

उत्तर: इसके लिए प्रबंधन द्वारा एक टीम का गठन किया गया था। इसीलिए इसकी वाहवाही लेना BSOA को शोभा नहीं देता। क्रेडिट पूरी टीम को जाता है, जिसमे बीएसएल के विभिन्न विभाग के अधिकारीगण शामिल थे।

8: वर्षों पुराने गेट पास की जगह नया आर एफ़ आई डी गेट पास उपलब्ध कराया गया।
उत्तर: ये वास्तव में बीएसएल से जुड़ा हुआ मुद्दा है न कि सिर्फ अधिकारियों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसीलिए इसमें BSOA का कोई रोल नहीं है।

9: गुणवत्ता युक्त पानी के लिए, प्लांट, ए डी एम, हॉस्पिटल, नगर सेवा भवन के विभिन्न जगहों पर अक्वागार्ड एवं कूलर लगा कर सुविधा प्रदान कराया गया।

उत्तर: ये वास्तव में बीएसएल से जुड़ा हुआ मुद्दा है न कि सिर्फ अधिकारियों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसीलिए इसमें BSOA का कोई रोल नही है।

10: अपने सम्मानित सदस्यों के सेवा निवृत्त के उपरांत उनको सम्मानित कर भविष्य मे सभी तरह के सहयोग देने के आश्वासन के साथ विदाई दे गयी।

उत्तर: बसोआ के इसी सत्र में पूर्व अध्यक्ष पीके पांडेय और पूर्व महासचिव मनोज कुमार सेवानिवृत्त हुई। सोची समझी रणनीति के तहत उस वक़्त विदाई समारोह की शुरुआत नहीं की गई। विदाई समारोह की शुरुआत तब की गई जब मजूदा अध्यक्ष महोदय के करीबी सेवानिवृत्त हो रहे थे वो भी चुनाव के कुछ महीने पहले।

11: प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए बी एस ओ ए ने 47 दिन सत्याग्रह के साथ साथ अन्य कार्यक्रम कर अपने मुद्दों को प्रबंधन के सामने सम्मानजनक पूर्वक रखा गया तथा प्रबंधन ने भी अपना सहयोग देकर ऐसे सारे मुद्दों का निराकरण किया। ज ओ 2008 10 बैच के समस्या का सम्मानजनक समाधान किया गया।

उत्तर: “जिस सत्याग्रह की बात BSOA कर रहा है असल मे वो पूरा सत्याग्रह बसोआ ने बस मजबूरी में किया था।प्रबंधन के सामने बेचारा बनते हुए BSOA ने अपने लेटर में साफ साफ लिखा “” We are forced to support this movement””.
निर्णय JO वर्ग ने लिया और हर जगह नाम भी एसोसिएशन की बजाय JO वर्ग के सिर्फ दो अधिकारियों का हो रहा था। BSOA का काम सिर्फ टेंट लगाना ही था।

2008-10 पे अनोमली का मुद्दा आज वी उलझा हुआ है। 22.12.2022 के फाइनल आर्डर के बाद भी पे अनोमली का समाधान अभी तक नही हुआ है,पर हैरानी की बात है कि BSOA इस मुद्दे को किसी भी फोरम पे नही उठा रहा हैं। पीपी 2 पे सभी दूसरी यूनिट में पीएफ दे दिया गया है। बोकारो में अभी भी ये लंबित है”

13: प्लांट के मेन गेट पर अधिकारियों एवं सी आई एस एफ़ के बीच आए दिन होने वाले विवाद का पूर्ण से निवारण किया गया।
उत्तर: प्लांट गेट से संबंधित विवाद के संबंध में पिछले टर्म में ही कार्य पूरा किया जा चुका था। इस टर्म में इस संबंधित न कोई विवाद हुआ है और न ही कोई मीटिंग।

14: दो वर्षों के पीआरपी का भुगतान कराया गया। एमओयू रेटिंग आ चुकी है, वर्ष 2022-23 का भी भुगतान जल्द करा दिया जाएगा।

उत्तर: इस पीआरपी के भुगतान में BSOA का कोई रोल नही है। ये एक सामान्य प्रोसेस है जो को MOU रेटिंग के खुद ब खुद सेल प्रबंधन दे देती है। 2020-21 के पीआरपी के कट ऑफ फैक्टर की जानकारी तक BSOA को नहीं थी और बिना कुछ सोचे समझे कटऑफ फैक्टर 0.85 बता कर वाहवाही लूटने की नाकाम कोशिश की गई थी। जबकि असल में कटऑफ फैक्टर 48.16 था जिसकी जानकारी बीएसएल के ही एक अन्य अधिकारी पहले ही दे चुके थे।

15: एनए मेडिसिन के भुगतान पर टैक्स लगता था। नयी प्रणाली बनाकर इस समस्या से निजाद दिलाया गया।

उत्तर: ये वास्तव में बीएसएल से जुड़ा हुआ मुद्दा है। न कि सिर्फ अधिकारियों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसीलिए इसमें BSOA का कोई रोल नहीं है।

16: घर पर लगने वाले हाउस पर्क्स टैक्स की सही गणना कर 50 प्रतिशत टैक्स रकम को सदस्यों को वापस कराया गया।

उत्तर: इसे हाउसिंग परक्विजिट बोलते है। BSOA को तो इस मुद्दे की जानकारी तक नही थी। बीएसएल के एक अधिकारी ने डिटेल कैलकुलेशन के माध्यम से इसको एक्सप्लेन करके मुद्दे को संबंधित डिपार्टमेंट को बताया और मुद्दे का समाधान भी करवाया।

17: टैक्स भुगतान कम करना पड़े इसके लिए 10 ई फॉर्म भरने हेतु सदस्यों के कार्यस्थल पे जाकर सहयोग पहुंचाया गया।

उत्तर: फॉर्म 10E भरने के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट पहले से ही सबकी मदद कर रहा था। सारी गाइडलाइंस नेट पे उपस्थित है। फिर भी BSOA ने लोगो की मदद की है तो उसके लिए वो धन्यवाद के पात्र है।

18: पेंशन मद मे 3 प्रतिशत का मासिक भुगतान करना एक मील का पत्थर साबित होगा जिससे पेंशन की मासिक संचित राशि पर ब्याज अच्छा खासा इकठ्ठा होगा। बाकी बचे रकम का भुगतान साल मे एक बार करने से सेवा समाप्ती के समय पेंशन मद में जमा कुल राशि सम्मानजनक मिलेगी जिससे अच्छा खासा पेंशन का भुगतान नियमित रूप से 60 वर्ष के बाद मिलता रहेगा।

उत्तर: पेंशन में 3% मासिक भुगतान के लिए SEFI को धन्यवाद। इस प्रकार के केंद्रीय मुद्दों में SEFI का रोल है न कि BSOA का।

19: इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से प्राप्त शिकायतों का निवारण नगर सेवा विभाग बड़ी ततत्परता से कर रहा है, जिसकी भूरी भूरी सराहना सम्माननीय सदस्यों द्वारा की जा रही है।

उत्तर: इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से हेल्प करने की शुरुआत BSL OFFICERS ग्रुप के माध्यम से की थी जिसका गठन रवि भूषण ने 13.09.2015 को किया था। BSOA की मौजूदा कमेटी ने बस उसी कांसेप्ट को कॉपी पेस्ट किया है, ताकि अपने हिसाब से लोगों को जोड़े और कोई उनसे सवाल न करें।