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सेल हड़ताल 2024: बोकारो स्टील प्लांट की संयुक्त यूनियन ने मांगों की फेहरिस्त के साथ थमाया स्ट्राइक नोटिस

सेल हड़ताल 2024: बोकारो स्टील प्लांट की संयुक्त यूनियन ने मांगों की फेहरिस्त के साथ थमाया स्ट्राइक नोटिस
  • मजदूर सभा में बड़ी भारी संख्या में सेल बी.एस.एल के परमानेंट और ठेका मजदूरों ने भाग लिया।  

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल (SAIL) के कर्मचारी 29 व 30 जनवरी को हड़ताल करेंगे। बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant) की संयुक्त यूनियन ने प्रबंधन को हड़ताल की नोटिस सौंप दिया है। बीएसएल (BSL) में हड़ताल सफल करने का दावा किया जा रहा है।

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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 जनवरी को ट्रेड युनियन संयुक्त मोर्चा के घटक यूनियनों इंटक, एटक, सीटू और एच.एम.एस.द्वारा सेल के साथ आज बोकारो स्टील प्रबंधन (Bokaro STeel Plant Management) को 29 30 जनवरी 2024 की हड़ताल की नोटिस दिए गए।

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सेल प्रबंधन (SAIL Management) की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एडीएम बिल्डिंग पर मजदूर सभा की गई। मजदूर सभा में बड़ी भारी संख्या में सेल बी.एस.एल के परमानेंट और ठेका मजदूरों ने भाग लिया।

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40,500 बोनस, 39 महीने का एरियर भुगतान, ग्रेच्युटी कटौती वापस लेने,ठेका मजदूरों का वेज रिवीजन और बाहर ट्रांसफर किए गए मजदूरों को वापस लाने की मांग की गई। अन्य लम्बित मांगों को पूरा करते हुए सम्मानजनक वेतन समझौता करने के लिए नारे जोर शोर से मजदूरों द्वारा लगाए गए।

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सभा की अध्यक्षता इंटक महासचिव बीरेंद्र नाथ  चौबे  ने किया। प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित मजदूरों को सम्बोधित करते हुए ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा (Trade Union United Front) के नेताओं ने कहा सेल प्रबंधन (SAIL Management) की मजदूर विरोधी हरकत अब सिर से ऊपर हो गया है। मजदूर अब एक दिन भी सहन करने के लिए तैयार नहीं है। सेल कम्पनी का मुनाफा बढ़ता गया। मजदूरों की प्रोडक्टिविटी पिछले पांच वर्षों में दोगना हो गया है। तमाम बाधाओं के वावजूद उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य को लगभग शत प्रतिशत पूरा करता रहा है। 35,000 करोड़ रुपए का बैंक कर्ज भी चुकता किया है। फिर भी सेल प्रबंधन मजदूरों की वाजिब हक और मांगों को नहीं देना चाहती है। वहीं, दूसरी ओर पदाधिकारियों को वेज रिवीजन का अकुत  लाभ दिया गया है। पीआरपी के मद में लाखों-लाख रूपया अधिकारियों को बांटा गया, लेकिन मजदूरों को सम्मान जनक बोनस से भी बंचित कर दिया गया। पिछले सात वर्षों से ठेका मजदूरों की मजदूरी में एक रुपए की भी वृद्धि नहीं की गई है। प्रबंधन का यह सब कदम न तो सिर्फ मजदूर विरोधी है, बल्कि प्लांट विरोधी भी है।

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यूनियन नेताओं ने कहा-प्रबंधन की मजदूर विरोधी कदम और संवेदनहीन मानसिकता को सेल के मजदूर और ठेका मजदूर अच्छी तरह समझ चुके हैं। मजदूरों का भरोसा प्रबंधन से उठ चुका है और अब आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। अभी भी समय है प्रबंधन चेत जाए और एनजेसीएस की बैठक 20 जनवरी को दिल्ली में होने वाली है, उसमे बोनस,39 माह का एरियर, ठेका मजदूरों का वेज रिवीजन, नाइट शिफ्ट भत्ता आदि लम्बित मांगों पर मजदूर पक्षीय फैसला अविलंब ले। अन्यथा 29 व 30 जनवरी की हड़ताल का सामना करने के लिए तैयार रहें।

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ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से इंटक के बीरेंद्र नाथ चौबे, बीएन उपाध्याय, एटक के रामाश्रय प्रसाद सिंह, सतेंद्र कुमार, सीटू के  केएन सिंह, आरके गोराई, एचएमएस के राजेन्द्र सिंह, आर के सिंह आदि मौजूद रहे।

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