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Bokaro Steel Plant: पानी टंकी ध्वस्त होने के बाद प्रबंधन मौन, मामला जाएगा इस्पात मंत्रालय और सेल कारपोरेट आफिस तक

Bokaro Steel Plant: पानी टंकी ध्वस्त होने के बाद प्रबंधन मौन, मामला जाएगा इस्पात मंत्रालय और सेल कारपोरेट आफिस तक
  • 16 फरवरी को बीएकेएस यूनियन की टीम ने उक्त घटनास्थल का दौरा किया।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र (Bokaro Steel Plant) के नगर सेवा पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट रहाह । सिविल अनुरक्षण अनुभाग की निष्क्रिय कार्य प्रणाली से बीएकेएस बोकारो यूनियन (BAKS Bokaro Union) ने सीजीएम टाउनशिप को अवगत कराया है।  6 फरवरी 2024 को जनवृत 8/C का तीन मंजीला ब्लॉक 2097-2108 की संपूर्ण पानी टंकी धवस्त हो गई। इसके बाद नगर सेवा की जलापूर्ति अथवा सीविल अनुभाग ने उक्त ब्लॉक में रहने वाले लोगों की कोई सूध नहीं ली है।

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16 फरवरी को बीएकेएस यूनियन की टीम ने उक्त घटनास्थल का दौरा किया। पाया कि अभी तक पानी टंकी लगाने हेतु नगर सेवा की जलापूर्ति या सीविल अनुरक्षण अनुभाग ने कुछ नहीं किया है।

ऊक्त ब्लॉक में दो बीएसएल कर्मचारी भी रहते हैं, जिसमे धमन भट्टी 4 का कास्टर जैसे महत्वपूर्ण अनुभाग में कार्यरत जी. मांझी भी हैं, जो पिछले 10 दिनों से अपने पैतृक गांव लेवाटांड जाकर दैनिक प्रसाधन, स्नान, पीने की पानी की व्यवस्था आदि करके धमन भट्टी में ड्यूटी भी कर रहे हैं।

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कई करोड़ के बजट वाले नगर सेवा विभाग के लिए यह अत्यंत चिंता की बात है कि मात्र 10-12000 रुपया लागत में PVC पानी टंकी अभी तक नहीं लगा सका है। वहीं, उक्त ब्लॉक में बीएसएल से सेवानिवृत कर्मचारी भी लीज पर आवास लेकर रह रहे हैं, जिसमे कई बीमार भी हैं। अब मानवता के नाते भी उन पीड़ित लोगों को तुरंत राहत देनी चाहिए थी।

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ब्लॉक के निवासियों ने 10.08.2022 को नगर सेवा में पानी टंकी अनुरक्षण का सामूहिक आवेदन भी दिया था, जिसका रिकॉर्ड नगर सेवा में Civil 1655/10.08.2022 के रुप में दर्ज है। फिर भी नगर सेवा का उदासीन सिस्टम ने उस पर समय रहते कोई कदम नहीं उठाया है।

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यूनियन ने ये कहा…

हमारी यूनियन ने अभी सीजीएम टीए तथा धमन भट्टी सीजीएम को  उपरोक्त विषय पर ई मेल किया है। पीड़ित कर्मियों का जल संकट जब तक खत्म नहीं किया जाता है, तब तक हमारी यूनियन सभी उच्च अधिकारियों के सामने मुद्दे उठाती रहेगी। उपायुक्त बोकारो से मिल कर जन आवश्यकता के सभी मूद्दों को उनके समक्ष रखा जाएगा तथा इस्पात मंत्रालय और सेल कारपोरेट कार्यालय के संज्ञान में लाया जाएगा।

दिलीप कुमार, महासचिव
बीएकेएस बोकारो

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