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डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की बातों को सरकारें मानती तो भारत होता विकसित देश

डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की बातों को सरकारें मानती तो भारत होता विकसित देश

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर जवाहर नगर समाजवादी कार्यालय भिलाई में ‘संविधान बचाओ देश बचाओ’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय डॉ. राम मनोहर लोहिया एवं शहीद भगत सिंह के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर कनक तिवारी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक प्रदीप चौबे ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम अवतार यादव ने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि सरकारी संपत्तियां बेची जा रही हैं। रोजगार के अवसर समाप्त किए जा रहे हैं। अमीर एवं गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। संविधान को ताक पर रखकर सरकार कार्य कर रही है।

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कार्यक्रम में भिलाई श्रमिक सभा के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वर्गीय डॉक्टर लोहिया ने कहा था कि मेरी मृत्यु के पश्चात लोग मेरे विचारों को मानेंगे। वर्तमान सरकार एवं पूर्व सरकार ने जो भी जनहित के कार्य किए हैं, इसकी आवश्यकता के बारे में डॉक्टर लोहिया ने आज से 70 वर्ष पूर्व ही बता दिया था। यदि उनके विचारों के अनुरूप सरकारें पूर्व में ही कार्य की होती तो आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने के साथ-साथ एक विकसित देश होता।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदीप चौबे ने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वर्गीय डॉक्टर लोहिया ने कभी भी अपना जन्मदिन नहीं मनाया, क्योंकि इसी दिन शहीद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को लाहौर में फांसी दी गई थी। स्वर्गीय डॉक्टर लोहिया मानवता के पुजारी थे। मानव सेवा धर्म को ही अपना धर्म मानते थे।

डॉक्टर लोहिया द्वारा रचित पुस्तकों का यदि अध्ययन किया जाए तो पूरा भारत दर्शन होता है, यदि आज डॉक्टर लोहिया जीवित रहते तो वर्तमान सरकार जिस प्रकार सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रही है एवं संविधान को बदल रही है। वह वर्तमान सरकार के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे होते।

मुख्य अतिथि की आसंदी से कनक तिवारी ने संबोधित किया एवं कहा कि समाजवाद को समाप्त कर सरकार द्वारा व्यापारिक दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है, जो समाज में विघटन का कारण बन सकता है, यह समाज हित में नहीं है। कार्यक्रम को नूर मोहम्मद, मोहन गुप्ता ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन सूबेदार यादव ने किया तथा मंच संचालन त्रिलोक मिश्रा ने किया।