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RINL Privatization: 811वें दिन भी Vizag Steel Plant का आंदोलन जारी, BJP छोड़ सभी का समर्थन, नेशनल हाइवे जाम, ट्रेड यूनियन नेता भी गिरफ्तार

RINL Privatization: 811वें दिन भी Vizag Steel Plant का आंदोलन जारी, BJP छोड़ सभी का समर्थन, नेशनल हाइवे जाम, ट्रेड यूनियन नेता भी गिरफ्तार
  • विशाखापट्‌टनम स्टील प्लांट (Visakhapatnam Steel Plant) को मोदी सरकार निजी हाथों में देने का फैसला कर चुकी है। इसके खिलाफ मान्यता प्राप्त यूनियन एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस समेत सभी 16 यूनियनों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन शुरू किया है।

Suchnaji.com न्यूज, विशाखापट्‌टनम। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के विशाखापट्‌टनम स्टील प्लांट (Visakhapatnam Steel Plant) के निजीकरण के खिलाफ 811 दिन से धरना-प्रदर्शन जारी है। कर्मचारी, उनके परिवार, ट्रेड यूनियन और राजनीतिक दलों ने खुलकर आवाज उठाई, लेकिन सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इसलिए निजीकरण (Privatization) के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाया गया है।

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विशाखा इस्पात संरक्षण संघर्ष समिति ने आह्वान किया था। विजयवाड़ा-विशाखापटनम नेशनल हाइवे सहित शहर के 4 प्रमुख चौक-चौराहों को एक साथ जाम किया गया। आधे घंटे तक नेशनल हाइवे को जाम कर दिया गया। हर तरफ हड़कंप मच गया। रास्ता खुलवाने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी।

सभी ट्रेड यूनियन और राजनीतिक दलों के लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। अगल-अलग पुलिस चौकी और थानों पर हिरासत में लिए गए लोग बैठाए गए हैं। Vizag Steel Plant के लिए आंदोलन जारी रखने का दम भरा गया है।

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विशाखापट्‌टनम स्टील प्लांट (Visakhapatnam Steel Plant) को मोदी सरकार निजी हाथों में देने का फैसला कर चुकी है। इसके खिलाफ मान्यता प्राप्त यूनियन एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस समेत सभी 16 यूनियनों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन शुरू किया है। बुधवार को 811वें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (Rashtriya Ispat Nigam Limited) को सेल में मर्ज करने की मांग की जा रही है। इसका सुझाव स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी द्वारा भी दिया जा चुका है।

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आरआइएनएल (RINL) को बचाने के लिए आंध्र प्रदेश के हर जिले में रास्ता रोको आंदोलन का आह्वान किया गया था। इस्पात संरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले सुबह 8 बजे से 9 बजे तक अगनमपुडी, कुर्मनपलेम, गजुवाका, गंटियाडा में रास्ता रोको आंदोलन के तहत कर्मचारी, उनके परिवार के सदस्य, यूनियन नेता और राजनीतिक दल के लोग सड़क पर उतरे।

अगनमपुडी हाईवे बस स्टॉप जंक्शन के पास, कुरमनपालेम को लेकर भूख हड़ताल के तंबू के पास, गजुवाका के पास पुराने गजुवाका जंक्शन में राजीव गांधी प्रतिमा के पास और गंत्याडा पुलिस चौकी जंक्शन के पास नाकेबंदी की गई। मान्यता प्राप्त यूनियन एटक के जे रामाकृष्ण ने बताया कि भाजपा को छोड़ सभी राजनीतिक पार्टियों व ट्रेड यूनियन के लोगों ने समर्थन दिया था।

जानिए कहां-कौन नेता हिरासत में लिए गए

अगनमपुडी, सेक्टर-1, 2, 3, शनिवारवाड़ा, दुववाड़ा गांव के लोग हाईवे पर अगनमपुडी बस स्टॉप के पास रस्ता रोकने पहुंचे। यहां पुलिस ने सबको हिरासत में ले लिया।

अगनमपुडी में केएसएन राव, वाईटी दास, कारू रमना, दोक्का नरसिंह राव, परंदमैय्या, बी डेविड, करणम सत्य राव, श्रीनिवास नायडू, बीएन राजू, एस. मोहन बाबू, डी. सुरेश बाबू, अट्टा अप्पाराव, पी. नीलकंठम, एम प्रसाद, जे.एन राव, कृष्णम राजू, सुरेश, नागा प्रसाद हिरासत में लिए गए।

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कुरमनपलेम, स्टील सिटी, नम्मीदोड्डी, इस्लामपेट, राजीव नगर, वडलापुडी, तुम्मार, अप्पिकोंडा, लक्ष्मीपुरम के ग्रामीणों, इस्पात श्रमिकों, ठेका श्रमिकों में प्रोटेस्ट किया।

कुर्मनपलेम में रस्ता रोकने पर डी. आदिनारायण, एन. रामचंद्र राव, जे. अयोध्याराम, बी. अप्पाराव, यू. रामा स्वामी, राधा कृष्ण, वरसला श्रीनिवास राव, बी. कामेश्वर राव, बी. रामू, बी. कोटेश नाइक, टी. ईश्वर राव, यू. अप्पलाराजू, के. वेंकट राव, सन्यासी राव, राजा, पुल्लाराव, डी शिवा, बी रमना, रवि, राजेश, रामकृष्ण हिरासत में लिए गए। इन्हें बस और ओपन ट्रक में थाने ले गए।

इसी तरह ओल्ड गजुवाका, न्यू गजुवाका, मल्कापुरम, श्रीहरिपुरम, शीला नगर, अक्कीरेड्डी पालेम, नथाया पालेम, बीएचपीवी, मिंडी, श्रीनगर गांव वालों के साथ मंत्री राज शेखर, चौ. नरसिंह राव, विला राम मोहन कुमार, बी. श्रीनिवास राजू, दोम्मेती अप्पाराव, एम. महालक्ष्मी नायडू, जीआरके नायडू, पल्ला पेंटा राव, बी. थौदन्ना, मंगा वेंकटराव पकड़े गए।

गैंट्याडा/गंगावरम गांव में रास्ता रोकने के लिए ए. मसेन राव, डीवी रमना, जी. गणपति रेड्डी, बोड्डू पैदिराजू, त्रिनाथ रेड्डी, एन रमना, के. अवतारम, नम्मी सिम्हाद्रि, पिट्टा रेड्डी, राजू, एस श्रीनिवास राव मुस्तैद रहे।