Skip to content
05/10/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • मशरूम लेडी ऑफ़ दुर्ग: नमो ड्रोन दीदी के खाते में अब आ रहा खटाखट-खटाखट पैसा, सीखिए बिजनेस का तरीका
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

मशरूम लेडी ऑफ़ दुर्ग: नमो ड्रोन दीदी के खाते में अब आ रहा खटाखट-खटाखट पैसा, सीखिए बिजनेस का तरीका

15/07/2024 (Last updated: 10/10/2024) 1 minute read
Mushroom-Lady-of-Durg-Now-lots-of-money-is-coming-into-Namo-Drone-Didis-account-learn-the-method-of-business
  • सफलता की कहानी: दुर्ग की ड्रोन दीदी की सफलता के उड़ान की कहानी।
  • मशरूम की खेती से एसएचजी दीदी को मिली जीवन नई उड़ान।
  • बेटी का शौक पूरा करने शुरू किया मशरूम का उत्पादन, साल भर में हो गई लाख रुपए की कमाई। महिलाओं के लिए बनीं नजीर।

सूचनाजी न्यूज, दुर्ग। दुर्ग जिले की इस महिला की कहानी बड़ी कमाल की है। बेटी का शौक पूरा करने शुरू किया मशरूम का उत्पादन और साल भर में हो गई लाख रुपए की कमाई।

ये खबर भी पढ़ें: BSP के इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट ने 43 मकानों को कराया खाली, सेक्टर 6 में कब्जेदारों की शामत

जिले के छोटे से गाँव मतवारी में रहने वाली जागृति साहू की कहानी प्रेरणा से भरी हुई है। पढ़ी-लिखी जागृति ने दो विषयों में पोस्टग्रेजुएट और बी.एड. की डिग्री प्राप्त की है। बचपन से ही जागृति का सपना था कि वह एक शिक्षक बने, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। किसी कारणवश वह अपने इस सपने को पूरा नहीं कर पाई, जिससे वह निराश हो गईं।

ये खबर भी पढ़ें DPS की अवैध बाउंड्री, कलेक्टर साहिबा तोड़वा दीजिए, नहीं होगा ट्रैफिक जाम

जागृति के पति चंदन साहू बताते है कि शिक्षक न बन पाने से जागृति के व्यवहार में बहुत परिवर्तन आया। निराशा की वजह से वे ज्यादा बात भी नहीं करती थी। वे कहते हैं ’’मैंने उस वक्त सोचा कि किसी काम में व्यस्त होने से शायद इनका मन लगे। चुंकी मेरी बेटी और मुझे मशरूम बहुत पसंद था तो मैंने उन्हें मशरूम की खेती करने का सुझाव दिया।

ये खबर भी पढ़ें Durg Breaking: SP, CSP, DSP, SDOP और जवानों के शहीद होने के बाद Family को ऐसे Help करेगा Police Department, देखिए वीडियो

बेटी की पसंद की वजह से जागृति ने यह कार्य प्रारंभ किया। देखते ही देखते बेटी की छोटी सी पसंद के लिए शुरू किया गया कार्य जागृति को उंचाईयों तक ले गया। धीरे-धीरे, उन्होंने अपनी रुचि को बढ़ाते हुए हर्बल गुलाल और घरेलू वस्तुएं बनानी शुरू कीं। साल 2019 में, जागृति ने 33 लाख रुपये का मशरूम बेचा, जो उनके मेहनत और समर्पण का परिणाम था। जागृति ने अपने साथ और महिलाओं को भी मुनाफ़ा दिलाया। वे अपने आस पास के गाँव की दीदियों को भी प्रशिक्षण देकर स्वावलंबन की राह दिखाई।’’

ये खबर भी पढ़ें केंद्रीय श्रम मंत्रालय से ESI और EPF पर बड़ी खबर, BMS ने मांगा 5000 रुपए न्यूनतम पेंशन

गुलाल बिजनेस भी दिखाया हाथ

जागृति के कार्यों में व्यवसाय के साथ समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी दिखता है। वे बताती हैं की जब उन्हें केमिकल वाले गुलाल से होने वाले नुक़सान के बारे में पता चला तब उन्होंने उसके विकल्प के बारे में सोचना शुरू किया।

ये खबर भी पढ़ें सरकार का तुगलकी फरमान, एक-दो नहीं पांच लाख उल्लुओं को मारने का जारी हुआ फरमान

थोड़े अध्ययन के बाद उन्होंने पाया की घर पर उगने वाली साग-भाजी और फूलों से ही हर्बल गुलाल बनाया जा सकता है। उन्होंने अपने समूह की दीदियों के साथ मिलकर हर्बल गुलाल का उत्पादन प्रारंभ किया।

ये खबर भी पढ़ें Bhilai Big Breaking: सैक्स रैकेट का खुलासा, 7 धराए, पहली बार कम उम्र की लड़कियां भी पकड़ाई, देखिए वीडियो

पहले वर्ष समूह की दीदियों ने केवल 35 हज़ार रुपये का गुलाल विक्रय किया। पिछले वर्ष उनके समूह को हर्बल गुलाल के लिए बहुत सारे ऑर्डर्स आए, उन्होंने लगभग 8 लाख 25 हज़ार रुपये की बिक्री की।

ये खबर भी पढ़ें Big Breaking News: भिलाई स्टील प्लांट में कर्मचारियों की जान खतरे में, चाकू लेकर घुसे 5 चोर, CISF पर उठी अंगुली

“मशरूम लेडी ऑफ़ दुर्ग”

जागृति का सफर यहीं नहीं रुका। जागृति ने शासन की योजनाओं का लाभ लिया और एक सामान्य महिला से अपनी अलग पहचान बनाई। मशरूम की खेती से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करने पर उन्हें “मशरूम लेडी ऑफ़ दुर्ग” कहा जाने लगा। जागृति का सफ़र एक सामान्य महिला से लेकर लखपति दीदी बनने और आज ड्रोन दीदी के रूम में कृषि को उन्नति की ओर ले जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें Big Breaking News: भिलाई स्टील प्लांट में कर्मचारियों की जान खतरे में, चाकू लेकर घुसे 5 चोर, CISF पर उठी अंगुली

नमो ड्रोन दीदी में चयनित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल नमो ड्रोन दीदी में चयनित होकर उन्होंने ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण लिया। आज वह एक प्रमाणित ड्रोन पायलट हैं और ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। ड्रोन के माध्यम से वह खेतों में दवाइयों का छिड़काव करती हैं और इस नई तकनीक का लाभ किसानों तक पहुंचाती हैं। इससे किसानों का समय तो बचता है साथ ही श्रम और खर्च भी कम होता है।

ये खबर भी पढ़ें बधाई हो…ईपीएस 95 हायर पेंशन यहां चालू, 18 लाख मिला एरियर

पहले लोग मजाक उड़ाते थे, अब कमाई का पूछते हैं तरीका

जागृति साहू की कहानी हमें सिखाती है कि किस तरह संघर्ष और मेहनत से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है और सफलता प्राप्त की जा सकती है। वे बताती हैं की शुरू में लोग उनपर हंसा करते थे और आज उनकी मेहनत और राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार की लाभकारी योजनाओं की बदौलत लोग उनका उदाहरण देने लगे हैं।

ये खबर भी पढ़ें Job Alert 2024: Indian Air Force में जुड़ने का शानदार मौका, 2500 पोस्ट, तगड़ी Salary, ऐसे करें Apply

व्यवहारिक एवं व्यवसायिक शिक्षक की मिशाल

जागृति शिक्षक तो नहीं बन पाईं, परंतु आज वे कई महिलाओं के लिए व्यवहारिक एवं व्यवसायिक शिक्षक की मिशाल हैं। जागृति कई महिलाओं को ड्रोन, मशरूम उत्पादन एवं घरेलू वस्तुओं के उत्पादन संबंधित तकनीकी एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दे रही हैं। जिससे उनके साथ-साथ अन्य महिलाएं भी स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रही हैं। अपने कौशल व सरकार की योजना के माध्यम से ड्रोन दीदी जागृति ने स्वयं के साथ साथ अन्य महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है।

ये खबर भी पढ़ें BIG BREAKING: Highway पर बड़ा Accident, ट्रेलर-बस की भीषण टक्कर, अब तक 18 की मौत, 30 से ज्यादा जख्मी

About the Author

View All Posts

Post navigation

Previous: मोदी जी…! अब से पहले इतने मायूस नहीं थे EPS 95 के 78 लाख पेंशनभोगी
Next: Bhilai Township से भागो रे दलालों…73 मकानों से कब्जेदार खदेड़े गए, किराए पर मत लीजिए BSP का मकान

Related Stories

Steel Club A pledge to save lives through the donation of 106 units of blood 27 people donated blood for the first time
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Steel Club में 106 यूनिट रक्तदान से जिंदगी बचाने का संकल्प, 27 लोगों ने पहली बार किया रक्तदान

Azmat ali 04/10/2026
BAKS Bokaro The Struggle Continues From Paperwork to the Courts and From the Streets to the Plant
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

BAKS Bokaro: पेपर से कोर्ट तक, सड़क से प्लांट तक संघर्ष जारी, NJCS, वेज रिवीजन, बोनस और पे-स्केल तक मंथन

Azmat ali 04/10/2026
Bhilai Steel Plant Focus on Safety ED (Works) Rakesh Kumar is Conducting Surprise Inspections
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

BSP ईडी वर्क्स कर रहे छापेमारी, संडे को पहुंचे कोक ओवन, रेल मिल, दारूबाज अफसर-कर्मचारी होंगे सस्पेंड-टर्मिनेट

Azmat ali 04/10/2026

You May Have Missed

Steel Club A pledge to save lives through the donation of 106 units of blood 27 people donated blood for the first time
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Steel Club में 106 यूनिट रक्तदान से जिंदगी बचाने का संकल्प, 27 लोगों ने पहली बार किया रक्तदान

Azmat ali 04/10/2026
BAKS Bokaro The Struggle Continues From Paperwork to the Courts and From the Streets to the Plant
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

BAKS Bokaro: पेपर से कोर्ट तक, सड़क से प्लांट तक संघर्ष जारी, NJCS, वेज रिवीजन, बोनस और पे-स्केल तक मंथन

Azmat ali 04/10/2026
Bhilai Steel Plant Focus on Safety ED (Works) Rakesh Kumar is Conducting Surprise Inspections
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

BSP ईडी वर्क्स कर रहे छापेमारी, संडे को पहुंचे कोक ओवन, रेल मिल, दारूबाज अफसर-कर्मचारी होंगे सस्पेंड-टर्मिनेट

Azmat ali 04/10/2026
No interfaith prayer meeting held at Durgapur Steel Plant on Gandhi Jayanti INTUC outraged plans protest on the 6th
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

इंटक बोला-दुर्गापुर स्टील प्लांट में गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्राथना सभा नहीं हुई, भड़के कर्मचारी, 6 को बवाल

Azmat ali 03/10/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.